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Mundan

2/2/2017 8:24:00 AM

Mundan There are many customs and traditions which are prevalent since times immemorial. Specifically in the Hindu culture there is a long list of ceremonies which begin with birth right upto the last rites of the person thus covering this entire journey from being born to being dissolved in the panchmahabhutas. One such ceremony is the mundan ceremony. What Is Mundan Ceremony? The mundan ceremony is also called chudakarana and basically it represents the first time shaving of the baby hair after the child is born. It is said that one cannot do the shaving of baby hair in any random year. Though it could be carried out in the latter years also but experts suggest that it is better done in the first year itself. There is also a logic behind it that if the first time shaving is done early, it would lead to better hair growth of the baby as he or she grows up. Symbolically the carrying out of the mundan ceremony or the first time shaving of baby hair signifies that the undesirab

Posted by: kalyani

तीसरा रास्ता

2/3/2017 1:09:00 AM

मगध में शोर है कि मगध में शासक नहीं रहे जो थे वे मदिरा, प्रमाद और आलस्य के कारण इस लायक नहीं रहे कि उन्हें हम मगध का शासक कह सकें लगभग यही शोर है अवंती में यही कोसल में यही विदर्भ में कि शासक नहीं रहे जो थे उन्हें मदिरा, प्रमाद और आलस्य ने इस लायक नहीं रखा कि उन्हें हम अपना शासक कह सकें तब हम क्या करें? शासक नहीं होंगे तो कानून नहीं होगा कानून नहीं होगा तो व्यवस्था नहीं होगी व्यवस्था नहीं होगी तो धर्म नहीं होगा धर्म नहीं होगा तो समाज नहीं होगा समाज नहीं होगा तो व्यक्ति नहीं होगा व्यक्ति नहीं होगा तो हम नहीं होंगे हम क्या करें? कानून को तोड़ दें? धर्म को छोड़ दें? व्यवस्था को भंग करें? मित्रो- दो ही रास्ते हैं : दुर्नीति पर चलें नीति पर बहस बनाए रखें दुराचरण करें सदाचार की चर्चा चलाए रखें असत्य कहें असत्य करें असत्य जिएँ सत्य के लिए मर-मिटने की आन नहीं छोड़ें अंत में, प्राण तो सभी छोड़ते हैं व्यर्थ के लिए हम प्राण नहीं छोड़ें मित्रो, तीसरा रास्ता भी है - मगर वह मगध, अवन्ती कोसल या विदर्भ होकर नहीं जाता। - श्रीकांत वर्

Posted by: Dua

Thai poosam

2/6/2017 12:01:00 PM

Thai Poosam A festival  occurring in the Tamil month Thai (January - February), on the day of the star Poosam around Pournami (Full Moon) is celebrated as Thaipusam [Thai Poosam]. There are several legends about the festival Thaipusam. Here are a few of them There was a demon named Tharakasuran who gave a lot of trouble to the rishis and saints. Lord Muruga was called by his parents Lord Shiva and Parvati and given the job of destroying the Asuran. Lord Muruga set off with the blessings of his parents to destroy the demon. He took with him twelve weapons, eleven of which were given by his father Lord Shiva and the 'Vel' given by his mother Parvati. Lord Muruga destroyed Tharakasuran on the Poosam Nakshatra day in the Tamil month of Thai and hence Thai Poosam is celebrated in all Murugan temples. According to another legend, as Shiva was imparting a mantra to Parvati, Lord Muruga eavesdropped on them. For that error, Parvati laid a curse on him, in line with the rule that

Posted by: kalyani

Valentine's Day

2/8/2017 6:40:00 AM

Valentine's Day Valentine's Day celebrations did not catch on in India until around 1992. It was spread due to the programs in commercial TV channels, such as MTV, dedicated radio programs and love letter competitions, in addition to an economical liberalization that allowed the explosion of the valentine card industry. Economic liberalization also helped the Valentine card industry.The celebration has caused a sharp change on how people have been displaying their affection in public since the Middle Ages. India is well known as a culture filled with ancient traditions. The Hindu culture contradicts many of the western world’s ideals. Valentine’s Day celebrations are known to clash with India’s conservative religious background. It has only been in the most recent years that Valentine’s Day has become widely recognized in India. Just like most people in the world, many men and women of India, particularly young couples, celebrate Valentine’s Day i

Posted by: kalyani

महाशिवरात्री

2/10/2017 1:06:00 PM

महाशिवरात्री माघ महिना उगावला, शिवरात्र येऊ लागली की घरातली मोठी माणसं शिवलिलामृत, काशीखंड ह्या सारख्या ग्रंथांच वाचन सुरू करतात. कुणी ‘ॐ नमः शिवाय’ ह्या पंचाक्षरी मंत्राचा जप सुरू करतात, तर कुणी हौशी मंडळी ह्या महाशिवरात्रीची पर्वणी साधून बारा ज्योतीर्लिंगे किंवा पुरातन शिव मंदिरांना आवर्जून दर्शन भेट देतात. ह्या पवित्र दिवशी शिवशंकराला रुद्राभिषेक करणे, जप करणे, बेल पत्र वाहणे, उपास करणे इ. गोष्टी आवर्जून केल्या जातात. शिव म्हणजे कल्याण, शिव म्हणजे ज्ञान, महाशिवरात्रीच्या उपासनेमुळे उपासकाचे निश्चितच कल्याण होते. त्याला ज्ञान प्राप्त होते. त्याला उत्कर्षाचा, मुक्तीचा विकासाचा मार्ग सापडतो. शिव उपासनेमुळे माणसाच्या दृष्ट प्रवृत्ती कशा बदलतात, सदाचार, विवेक खऱ्या अर्थाने कसा जागा होतो, ह्या बद्दल ‘शिवलिलामृत’ मध्ये एक कथा आहे ती अशी की : असाच एक महाशिवरात्रीचा दिवस. एक पारधी शिकार करायची म्हणून जंगलात गेला. जलाशयाच्या एका वृक्षावर जाऊन बसला. पाणी पिण्यासाठी म्हणून एखादं सावज आलं, एखादा प्राणी आला की त्याची शिकार करायची हा हेतू. दुपारपासून धनुष्य बाण

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महाशिवरात्रि

2/13/2017 7:52:00 AM

  महाशिवरात्रि ऐसा माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर रूद्र के रूप में प्रजापिता ब्रह्मा के शरीर से प्रकट हुए थे और इसी महाशिवरात्रि  को भगवान शिव तांडव नृत्य करते हुए इस सृष्टि को अपने तीसरे नेत्र की ज्वाला से भष्म कर देंगे | कई स्थानों पर यह भी माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव का विवाह हुआ था | इन सब कारणों से महाशिवरात्रि की रात हिंदू धर्मग्रंथों में अतिमहत्त्वपूर्ण है | महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिवमंदिर में कतारें लग जाती हैं | लोग जल से तथा दूध से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं | जहाँ तक हो सके लोग गंगाजल से शिवलिंग को स्नान कराते हैं | कुछ लोग दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से भी स्नान कराते हैं | फिर उन पर चंदन लगाकर उन्हें फूल, बेल के पत्ते अर्पित किये जाते हैं |  धूप और दीप से भगवान शिव का पूजन किया जाता है | भगवान शिव को बेल के पत्ते अतिप्रिय है | इसलिए लोग उन्हें बेलपत्र अर्पण करते हैं | महाशिवरात्रि को रात्री जागरण का भी विधान है | लोग शिवमंदिरों में अथवा घरों में पूरी-पूरी रात जागकर भगवान शिव की आराधना करते ह

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अलमस्त बसन्त

2/15/2017 11:24:00 PM

किसी ने कानों में गुनगुना दिया संगिनी! फागुन आया हरसाया मन .. दौड़ी उपवन में सिहरता तन फाग कहाँ बसंत कहाँ ........ खंड खंड में पेड़ों की शाखों पर धरती पर अस्तव्यस्त पुरवैया के साथ अलसाई धूप गलबहियाँ दे बेखबर पड़ी थी राग से भरी अनुराग रंग में रंगी बसन्त के प्यार में लिपटी सी थी ... पतझर की बारिश में भींगे से अलमस्त बसन्त..... ....... -Shefalika

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मोबाइल

2/15/2017 11:35:00 PM

रमा अपन घर नहिये बसा सकलीह नै तँ अपन पति के दोस्त बना सकलीह नहि ते बच्चा सभक माय बनि सकलीह जरलाहा मोबाइल नैहर घरे ल आयल बेटीक जीवन में अनजाने माहुर घोर' लागल छोट छोट बात नदीक लहरि जकाँ एहि किनार से ओहि किनार जाइत रहल नव नव रचना गढ़ैत रहल बुझनुक माय के अभाव में बेटीक महल ढहैत रहल नीक गप नीक सलाह के बदले अहा हम्मर बेटी कतेक दुखी कनैत रहल राजरानीक सुख भोगैत बेटी मायक सुर में सुर मिलवैत रहल अपन नेना भुटका कनैत मायक संग लेल मोबाइल में माय बेटीक हाल लेत स्वयं ओकर भाग्य पर कनैत रहल ओ अपन संसार नै बसा सकलीह पति अपना के काज में डूबा देलक बाल बच्चा पढ़' बाहर चलि गेल वयस बीति गेल समय ससरि गेल 'मायका' 'भायका ' बनि गेल सब किछ अछैत सब के रहैत रमा असगर रहि गेल----- मायक अभाव में मोबाइल निष्प्राण भ' गेल जे मोबाइल कतेको के जीवन सोझराय देलक आय ओ रमाक जीवनक जपाल बनि गेल ------- रतन जी के एकटा पोस्ट सँ प्रभावित ,,,, डॉ शेफालिका वर्मा

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दहेज़मुक्त भारत

2/16/2017 8:40:00 PM

पंचवर्षीय योजनाओं की तरह हमारा देश वादों और नारों पर टिका है कितने सारे कानून बेटियों के लिए बन गये बेटे फिर भी बेचे जातें हैं दहेज़ लेना स्टैट्स माने जाते हैं ---- मत करो बेटियाँ ख़रीदे हुए बेटो से शादी जहाँ उनके पौरुष मारे जाते हैं ; करो उस से शादी जिसमे पौरुष ललाम हो आत्मसम्मान ही नही देश और नारी का सम्मान हो। . माँ बनकर मत कीमत लगाओ अपने अनमोल धन को तुम शक्ति दोगी पिता भी न बेचेगा अपने रतन को देखो राम राज्य की हालत क्या हो गयी दशरथ घूम रहे व्यापारियों के वेश में कौशल्या तौल रही रामको वास्तु बाँट में आज गली गली रावण घर घर में धोबी घूम रहे राम उस समय भी न्याय नही कर सके सीता के साथ पत्नी न सही एक प्रजा के साथ- फिर क्यों हो लाचार नारी ख़रीदे हुए पति के साथ ,,---- डॉ शेफालिका वर्मा

Posted by: Dua

‏Quotes For The Soul

2/16/2017 8:47:00 PM

Always go the extra mile. Aspire to be the best that you can be. Stay motivated at all times.

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