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मनाच्या रेशीमगाठीचा ऋणानुबंध ....

4/1/2016 12:36:00 PM

लग्न …… लग्न काय असत…… लग्न हे मनाच्या रेशीमगाठीचा ऋणानुबंध असत …. लग्न म्हणजे दोन जीवांचे मधुर मिलन …. दोन आत्म्याच पवित्र मिलन …. ही साथ असते आयुष्यभराची ….  एकमेकांना समजून घेण्याची ….. असं म्हणतात की , घर पहावे बांधून अन लग्न पहावे करून …. अगदी महागाई वगैरे फार असली तरी एकदा लग्न करायला काय जातंय !!  :) विवाह हा स्थिर म्हणजे दीर्घकाळ टिकणारा कसा राहील , त्या योगे घराण्याला स्थैर्य  लाभून मागील व पुढील पिढ्यांना व पर्यायाने समाजाला स्थैर्य कसे लाभेल यासाठी धर्मशास्त्रकारांनी  अनेक विधी ,नियम आणि कायदे प्रस्थापित केले . विधी खालीलप्रमाणे: १. कुंकुमतिलक  आणि साखरपुडा : पत्रिका जुळल्या आणि नवरा-नवरींची एकमेकांची पसंती झाली की वधू-वरांच्या कुटुंबीयाकडील लोक लग्न 'पक्के' करण्यासाठी हा विधी करतात. पूर्वी या विधीला 'कुंकू लावणे' म्हणत. . २.अंतःपटधारण-मंगलाष्टके : मंगलाष्टके चालू झाल्यावर वधूचा मामा वधूला बोहल्यावर आणतो .अंत:पाट धरल्यावर मुहूर्ताची मंगल वेळ येईपर्यंत सुमा

Posted by: Sidd W

शादी-दो दिलों का बंधन

4/13/2016 10:25:00 AM

  शादी-दो दिलों का बंधन            भारत में शादी को अटूट और पवित्र रिश्ता माना जाता है | यह न केवल दो अंजान लोगों को अटूट बंधन में बांध देता है पर दो अलग अलग परिवार आपस में जुड़ जाते है| भारतीय शादी की कुछ विधियां और रसमे होती है | यह रसमों के बारे में नीचे लिखा गया है   १ मंगनी: जब किसी लड़के लड़की का रिश्ता पक्का हो जाता है तो सबसे पहले उनकी मंगनी की जाती है. मंगनी यह दिखती है की वह दोनों एक दूसरे के लिए समर्पित हो गए है | इस विधि में लड़का लड़की एक दूसरे को सोने की अंगूठी पहनाते है | मंगनी की रसम दिखती है की रिश्ता पक्का हो गया है       २. संगीत और मेहंदी  : भारत में शादी एक बड़ा उत्सव माना जाता है | इसलिए शादी बहुत धूम धाम से मनाई जाती है|संगीत के फंक्शन पे सभी सेज सम्बन्दियों को बुलाया जाता है नाच गाने का कार्यक्रम होता है| इसके साथ साथ होने वाली दुल्हन को हाथों और पैरों पर मेहंदी लगती है | शादी के इस मौके पे सरे लोग खुशियां मनाते है | ३. हल्दी की रसम: माना जाता है की हल्दी लगने से इंस

Posted by: Desievite Admin

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