आयुष्मान. अखिलेश
सुपौत्र- श्री राजेश प्रसाद गुप्ता, लखनऊ
आयुष्मति. प्रियन्का
सुपुत्री अनुजीत पांडे, ग्रेटर नोएडा
हे अतिथि तुम्हें बुलाने की मन में आशा अति भारी है
मैंने आमंत्रण भेज दिया अब इच्छा नाथ तुम्हारी है
मंगल परिणय में पधारकर अपने आशीष एवं शुभकामनाओं से पुत्र को आशीष प्रदान करे।
मैंने आमंत्रण भेज दिया अब इच्छा नाथ तुम्हारी है
मंगल परिणय में पधारकर अपने आशीष एवं शुभकामनाओं से पुत्र को आशीष प्रदान करे।
ecard designer logo
