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दिल्ली के प्रदूषण

Wednesday, November 09, 2016 | 8:04:00 PM

 

दिल्ली के प्रदूषण पर विशेष....

धुआं-धुआं सा फैला हुआ है चारों तरफ,
रोशनी भी निढाल सी है, कोहरे के इस शहर में;
निःशब्द मूक से खड़े हुए हैं पेड़-पौधे,
अँधियारा सा छाया हुआ है, भरी सी दोपहर में;
हैरान है इन्सान देख खुद अपनी करनी को,
घुटने लगीं हैं साँसें भी, अब तो फैले इस जहर में;
आँखें पथरायी सी अब तो बस जलने लगी हैं,
कितना कोई बचाए खुद को, जहरीली इस लहर में;
झटके दे-देकर जगा रही प्रकृति हम इन्सानों को,
कुदरत अब तो दिखा रही है, झलक भी इस कहर में;
बंद करें खिलवाड़ हम, धरा की अमोल निधियों से,
सहेज लें हम इन्हें, डूबने ना दें, समय की बहती नहर में।


अर्चना अनुप्रिया।

Posted By Archana Anupriya

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