Dua

Articles/Poems/Quotes

 

For mom of boys


बेटे भी घर छोड़ के जाते हैं..
अपनी जान से ज़्यादा..प्यारा लेपटाॅप छोड़ कर...
अलमारी के ऊपर रखा...धूल खाता गिटार छोड़ कर...
जिम के सारे लोहे-बट्टे...और बाकी सारी मशीने...
मेज़ पर बेतरतीब पड़ी...वर्कशीट, किताबें, काॅपियाँ...
सारे यूँ ही छोड़ जाते है...बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
अपनी मन पसन्द ब्रान्डेड...जीन्स और टीशर्ट लटका...
अलमारी में कपड़े जूते...और गंध खाते पुराने मोजे...
हाथ नहीं लगाने देते थे... वो सबकुछ छोड़ जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
जो तकिये के बिना कहीं...भी सोने से कतराते थे...
आकर कोई देखे तो वो...कहीं भी अब सो जाते हैं...
खाने में सो नखरे वाले..अब कुछ भी खा लेते हैं...
अपने रूम में किसी को...भी नहीं आने देने वाले...
अब एक बिस्तर पर सबके...साथ एडजस्ट हो जाते हैं...
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
घर को मिस करते हैं लेकिन...कहते हैं 'बिल्कुल ठीक हूँ'...
सौ-सौ ख्वाहिश रखने वाले...अब कहते हैं 'कुछ नहीं चाहिए'...
पैसे कमाने की होड़ में...वो भी कागज बन जाते हैं...

सिर्फ बेटियां ही नहीं साहब...
. . . . बेटे भी घर छोड़ जाते हैं..!

-Dipti Pant

Posted on: 4/10/2017 9:55:00 PM

कोई ख्वाब बाकी है
न कोई
सफर बाकी है
डायरी
में जाने क्यूं
अब भी
कुछ याद बाकी है,

न वादा था किसी का
न कोई
मुलाकात बाकी है
दिल
में न जाने क्यूं
किसी
का इंतजार बाकी है !!

डॉ शेफालिका वर्मा

 

Posted on: 4/3/2017 7:57:00 PM

दिन बीते हफ़्ते महीने और बीत गए कई साल
आज शुरू हो गया देखो बिटिया का सोलवा साल


अभी कल की बात है crawl कर jeans पकड़ लेती..
हौले से मुस्करा कर बाहर जाने को रोक लेती
थोड़ा पुचकार कर, गोद में उठाकर मैं मनुहार लेती..
ये नादान भी गोद की गर्माहट से समझौता कर लेती..


वो पहला दिन स्कूल का मेरी यादों से नहीं निकलता
टीचर के पास छोड़कर ज्यों ही मैं मुड़ी वापसी का रास्ता
चार क़दम भी नहीं चल पाई की दौड़कर मुझसे गई लिपट
Stay with me mom, don't go की लगाए जा रही थी रट
मेरे आँखों से अनायास आँसू निकल पड़े बेसबब

मैं भी कुछ ऐसे ही थी इंडिया से आते समय जब माँ से हुई थी अलग..

रफ्ता रफ्ता ज़िंदगी गुज़रती रही, क़द में ,रूप में तु निखरती रही
मॉम-डैड, नाना-नानी, दादा एवं दीदी की दुलारी  बन कर,

दिन रात से बेख़बर हमारी छाया में पलती रही..
अजीब सुकून और संतोष का साथ रहा जब भी वो पास रही मेरे
हर रोज़ उसके बढ़ते क़दमों में अपने सपने तलाशती रही मैं ,देर सवेरे..

चाहे lunch/dinner की फ़रमाइश या हो नए ड्रेस की नुमाइश


आधी रात को कुछ नया बनाकर/लिखकर दिखाना
कत्थक में मुझसे पहले वो चक्कर लगाना
चुपचाप मेरे ग्रुप डाँस में शामिल हो जाना
घर के काम की मशरूफियत में मेरा विडियो बनाना


कितनी बातें हैं कितनी यादें हैं क्या बोलूँ क्या ना बोलूँ

ये सब बातें सोचकर ही दिल भावपूर्ण हुआ जाता है
बस यही दुआ है मेरी ...


तुम जियो हज़ारों साल,साल के दिन हो दस हज़ार
जो मिले दुबारा मानव अवतार
तु ही फिर मेरी बेटी बनाना एक बार ..
चलो मनाए जश्न इसी ख़ुशी में ज़ोरदार
शत जिए बिटिया मेरी..उसे ख़ुशियाँ मिले अपरमपार ..//


बाबुल

Posted on: 3/28/2017 7:44:00 PM

"मैं हूँ कितनी अकेली वो ये जानते
मेरे बेरंग जीवन को पहचानते ---"

अगरतला से सारे संगी साथी
साथ साथ आये
कलकत्ता एयरपोर्ट से अपनी
राह चले गये
मै दिल्ली की बाट जोहती
हर आने जाने वाले को चुपचाप देखती
बहुत सारी हमउम्र औरतें
कीमती साडी में लिपटी
हाथों में बैग लिये अकेली
इधर उधर घूमती
मेरी ही तरह किसी फ्लाइट का रास्ता देखती
सोचती हूँ
कैसी उम्र होती है ये भी
सब कुछ रहते भी चेहरे पे बेचारगी
बेबसी सी खेलती
डर जाती हूँ कहीं उनकी आँखों में भी
मेरे चेहरे की बेबसी न दिखती हो
कहीं मै भी उनकी तरह लाचार तो नही
ऑंखें कस कर बंद कर लेती हूँ
क्या अकेलापन इतना भयावह होता है
हाथों में पड़ी कलम को मुट्ठियों में भींच
छाती से लगा लेती हूँ
तुम मेरे साथ हो , मेरी संगिनी
मेरी हमसफ़र -----------

डॉ शेफालिका वर्मा

Posted on: 3/28/2017 7:21:00 PM

Love never fails; Character never quits; and with patience and persistence; Dreams do come true. - Pete Maravich

Posted on: 3/28/2017 7:14:00 PM

Respond to every call that excites your spirit. - Rumi

Posted on: 3/28/2017 7:11:00 PM

सुबह का पर्दा क्या उठा

कि

हर शख़्स

खूँटीपर टँगी

मुस्कुराहट ओढ़कर

अपने किरदार में ढलता हुआ

भीड़ के..

शब्दों के शोर में

खो गया..

-

शिखा

Posted on: 3/8/2017 11:40:00 PM

Concentrate on your strengths instead of your weaknesses, on your powers instead of your problems.

Posted on: 3/8/2017 11:38:00 PM

Smile. Let everyone know that today you're a lot stronger than you were yesterday.

Posted on: 3/8/2017 11:36:00 PM

Life is too precious to stress yourself out by worrying about everything. Relax, have fun, and enjoy the learning process.

 
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