Archana Anupriya
MA,LLM, Advocate and Visiting Faculty in MS University
Love Writing and Reading

Articles/Poems/Quotes

 
Posted on: 10/9/2016 12:35:00 AM

तवायफ की सी हालत हो गयी है आज 'सच्चाई' की,
चाहने वाले तो कई मिलेंगे पर अपनाने वाला कोई नहीं... अर्चना अनुप्रिया ।

Tavāyapha of today has become the 'truth',
Who want a meet so many on the adoption... Archana Anupriyā.

Posted on: 10/9/2016 12:35:00 AM

सुना है अंग प्रदर्शन मॉडर्न होने की पहचान है, सोच रही हूँ, जानवर इन्सान से कब आगे निकल गए ?
अर्चना अनुप्रिया।

I heard part of being a modern performance,identify I wonder, when the animal man get away?

Archana Anupriyā.

 

Posted on: 10/9/2016 12:34:00 AM

चेहरे और पोशाक से आँकती है दुनिया, रूह में उतरकर कब झाँकती है दुनिया...?
अर्चना अनुप्रिया।

Face and attire is out of this world, ām̐katī In The Spirit when utarakara spectacles. World...?
Archana Anupriyā.

Posted on: 10/9/2016 12:33:00 AM

चलो, कुछ दूर साथ चलकर देख लिया जाए,
हर शख्स को आजमा कर देख लिया जाए,
बुलंदियों पर तो बेगाने भी अपने हो जाते हैं,
नाकामियों के वक्त बुलाकर देख लिया जाए।

अर्चना अनुप्रिया।

 

Let's go, walking away with what they see.
Everyone can try to see.
Bulandiyōṁ loved ones party on their will.
They become The sins of time saw her.

Archana Anupriyā.

Posted on: 10/9/2016 12:33:00 AM

दुनिया में गजब का कारनामा करते हैं कुछ बच्चे,
गुब्बारों में अपनी साँस भरकर,
परिवार का पेट भरते हैं कुछ बच्चे.
.... अर्चना अनुप्रिया।

 

In a world of wonderful pitching some kids do,
Pumping in your breath,
fill Family's bellies into some baby.

.... Archana Anupriyā.

Posted on: 10/9/2016 12:32:00 AM

उन्हें चाँद क्या कह दिया हमने...
वो हर दिन अपनी फितरत बदलने लगे...।

अर्चना अनुप्रिया।

 

Moon them what we say...
Every one change their nature of the day...।

Archana Anupriyā.

Posted on: 10/9/2016 12:30:00 AM

रास्ते में गड्ढा खोदने वालों को उसके कद का अंदाजा नहीं हो सका,
ऊँचाई उसकी आसमान तक थी पर जमीन पर पैर रखकर वह झुक कर चलता था...।

अर्चना अनुप्रिया।

 

Digging the hole way those short of him could not Till the sky, his height was on feet on the ground.
He put up them over...।

Archana Anupriyā.

Posted on: 10/8/2016 8:37:00 PM

"नवदुर्गा" नौ रूपों में तेरे माँ, ममता की झलक है;
तेरी आभा से रोशन, ये धरा और फलक है;
तू आकर बस जाए, हर दिल में हर घर में;
यही चाह है हम सबकी, तेरे दुलार की ललक है।
नौ रूपों में तेरे माँ, शक्ति भरी पड़ी है;
धरती पर जब-जब भी, दानवी बाधा अड़ी है;
हर रूप में आ-आकर, रक्षक बनी है तू;
अपने बच्चों की खातिर, तू हर समय खड़ी है।
नौ रूपों में तेरे माँ, संदेश विजय का है;
शांति, करुणा, सहनशीलता, हर भाव विनय का है;
नहीं पनप सकती बुराई, कभी भी तेरे आगे;
वाहन भी तेरा अभेद्य है, प्रतीक वो जय का है।
नौ रूपों को तेरे माँ, अपना प्रणाम करती हूँ;
शीश तेरे चरणों में, मैं सुबह शाम धरती हूँ;
आशीष दो हम सबको, अपने दुलार से भर दो;
न्याय-पथ पर चलूँगी, आज यह प्रण करती हूँ।

अर्चना अनुप्रिया।

 

"Navadurga" Nine Forms, your mom A glimpse of mamata;
Let your glow, This is vain, and panel You are only coming, In every heart, every home This is all we desire, Excel your spoiled.
Nine Forms, your mom Full Strength,, When on earth, - Aṛī Ogress came obstacle;
In every form-appeared You are the custodian of;
For the sake of their children, Every time you are standing.
Nine Forms, your mom Message of victory;
Peace, tolerance, compassion, In every sense of the king;
Could not of evil, Sometimes, your still ahead Your vehicle is impenetrable The icon she is hail.
Nine ways to your mom, Hello, I own, Sheesh in your feet, Morning and evening.
I am earth, Ashish, two together With his spoiled;
On the path of justice, calūm̐gī Today I vow.

Archana Anupriyā.

 

Posted on: 10/8/2016 7:04:00 AM

चाँद से उतरकर, चाहत करीब आयी है मेरे,
उसकी चाँदनी की चमक से, रोशन है मेरे दिल का कोना-कोना,
अक्स उतर आया है तेरा, मेरी सूनी आँखों के कागज़ पर,
मूँद कर पलकों ने, कैद कर लिया है तुम्हें,
जैसे हो कोई सपन सलोना, तुझमें डूब कर तर जाऊँगी मैं ये भवसागर,
मेरे दिल का वजूद तुझसे है, मेरा जीवन ही है मुझमें तेरा होना..।

अर्चना अनुप्रिया।


Cool Moon, Affinity pond is close to me,Its Ridges, you hope. Roshan.
Heart of my corner-corner, Aks your come down,
My sooni eyes on paper, Doing lashes mūm̐da,
Captured you, Like, no stranger salōnā Shower thoughts gently bhavasāgara jā'ūm̐gī I,
My heart is fill of existance, My life is yours alone to be me..।

Archana Anupriyā.

Posted on: 10/6/2016 6:54:00 AM

कर्म का ही चक्र है ये जहान - -
फिर तो क्या जानवर ,क्या इंसान और क्या भगवान--?

अर्चना अनुप्रिया


Karma's cycle is just above - then what?
Man, animal and do god --?

Archana Anupriyā